एल ई डी बल्ब लगा लो। बिजली का बिल कम आएगा। एक मित्र ने सलाह दी। पांच वाट का बल्ब भी कितनी अच्छी रौशनी देता है। यह ट्यूबलाइट से भी अधिक बिजली बचाता है। मैंने भी घर के सारे बल्ब बदल डाले। कोई भी बिजली के उपकरण अनावश्यक जलने नहीं देता था। एल ई डी से बहुत उम्मीद थी। महीना बीत गया। बिजली का बिल आया। जैसे बिजली गिर गई हो। इतना ज्यादा बिल! एल ई डी लगा लो, ये लगा लो वो लगा लो, सब बकवास है!
Friday, December 27, 2019
Thursday, December 26, 2019
डॉक्टर या नो डॉक्टर
हमारे एक मित्र शर्माजी को एक दिन पता चला की उन्हें डायबिटीज़ है। अब जब कोई रोग है तो डॉक्टर के पास जाना बनता है। सो वो पहुँच गए एक डॉक्टर के पास। उसने ब्लड टेस्ट आदि के बाद उन्हें तमाम दवाइयाँ जो उनके रक्त से शर्करा की मात्रा कम करने में सहायक होंगी लिख दीं। उन्होने उन दवाइयों का सेवन प्रारम्भ कर दिया। आज पाँच साल से भी अधिक हो गया है उन्हें उन दवाइयों का सेवन करते । अब तो वे इंसुलिन की सुइयाँ भी लेने लगे हैं। उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टर उन्हें डायबिटीज़ से मुक्त करने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। कल वे अपने एक मित्र वर्माजी से मिले उन्हें भी डायबिटीज़ की शिकायत हो गई थी। लेकिन वे अब स्वस्थ थे। उनके मित्र ने कहा कि उन्होने अपना इलाज अपनी जीवन शैली में बदलाव ला कर किया। शारीरिक रूप से वे सक्रिय हो गए। भोजन में उन्होने बदलाव लाया। शाकाहार अपनाया। जंक फूड का पूर्णतः त्याग किया। योग और चलना फिरना अधिक कर दिया। तनाव को कम किया। हाँ, एक बात और वे किसी डॉक्टर के पास नहीं गए। ब्लड टेस्ट करवाते रहते हैं। शर्माजी झल्ला के कह उठे- सब बकवास है!
Wednesday, December 25, 2019
सब बकवास है
श्रीमती शर्मा अपने बच्चे शुभम को बेतहाशा डांट पिला रही थीं। पढ़ते नही हो। दिन भर मोबाइल में घुसे रहते हो। प्रतीक को देखो हर सब्जेक्ट में नब्बे प्रतिशत से अधिक लाया है। पी टी एम में कितनी बेइज्जती हो जाती है। मॉम आप मुझे बेकार डांटती रहती हो। बिल गेट्स कॉलेज ड्रॉप आउट थे। स्टीव जॉब्स भी ड्रॉप आउट थे। ऐसे हजारों लोग हैं जिन्होंने स्कूल कॉलेज नहीं किया लेकिन वे जीवन में सफल रहे हैं। शुभम बिलकुल सही कह रहा था । स्कूल की पढाई तोंते तैयार कर रही है। जीवन का पाठ्यक्रम अलग है। जीवन की परीक्षा अलग है। बाकी मैं तो कहता हूं, सब बकवास है।
नागरिकता और सार्वभौमिकता
मनुष्य नश्वर प्राणी है। उसे एक दिन नष्ट तो होना ही है। वह कौन है। कहां से आया है। इस धरती पर उसके जीवन का उद्देश्य क्या है। उसे कुछ नहीं मालूम। नागरिकता के कानून वास्तव में सिर्फ कानून है जैसे अन्य कानून है न! वैसे ही । सीएए तथा एन आर सी कुछ प्राणियों में भय पैदा कर रहे हैं। इस ब्रह्मांड में हमारी स्थिति एक धूल के कण के बराबर भी नहीं है। इस विषय पर इतना उदिग्न होना ठीक नहीं। आप जीवन का आनंद लें। भोग करें संभोग करें। अंततः मैं तो कहता हूं कि सब बकवास है।
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